क्या आपने कभी सोचा है कि मनुष्य वास्तव में क्या है? हर मशीन के साथ एक उपयोग पुस्तिका (user manual) आती है, लेकिन प्रकृति की सबसे जटिल रचना—मनुष्य—के साथ कोई दिग्दर्शिका (guidebook) नहीं आती।
मानव जीवन दिग्दर्शिका इसी प्रश्न से शुरू होने वाली एक यात्रा है। यह पुस्तक सृष्टि और जीवन की उत्पत्ति से लेकर मानव विकास, शरीर, मन, विचार, चेतना, कर्म, योग, धर्म, आध्यात्मिकता और आत्मबोध तक अनेक विषयों को एक सूत्र में जोड़ती है। आधुनिक विज्ञान, मनोविज्ञान, भारतीय दर्शन, योग और प्राचीन ज्ञान परंपराओं को सरल एवं तार्किक दृष्टिकोण से समझाते हुए यह पुस्तक पाठक को किसी एक मत को मानने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं खोजने और समझने के लिए प्रेरित करती है।
हम कैसे बने? हमारा मन कैसे कार्य करता है? हमारे विचार और कर्म हमें कैसे आकार देते हैं? विभिन्न आध्यात्मिक मार्गों का उद्देश्य क्या है? और सबसे महत्वपूर्ण—मैं वास्तव में कौन हूँ?
यह केवल पढ़ने की पुस्तक नहीं, बल्कि स्वयं को देखने का एक दर्पण और जीवन को समझने का एक मानचित्र है। आप अरबों वर्षों की सृष्टि और विकास का परिणाम हैं। अब समय है स्वयं को समझने का।
इस पुस्तक के उत्पाद विनिर्देश
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शीर्षक (Title): यूज़र मैनुअल फॉर अ ह्यूमन बीइंग
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लेखक (Author): विरल चावला
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प्रारूप (Format): प्रीमियम पेपरबैक
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भाषा (Language): हिन्दी
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पृष्ठ संख्या (Print Length): 419 पृष्ठ
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आकार (Trim Size): 6 × 9 इंच
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बाइंडिंग: परफेक्ट बाउंड
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चित्र एवं आरेख: मौलिक शैक्षणिक चित्रों एवं व्याख्यात्मक आरेखों सहित
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श्रेणी: नॉन-फिक्शन | व्यक्तित्व विकास | मनोविज्ञान | योग | अध्यात्म | दर्शन